Thursday, 29 June 2017

मादक पदार्थों के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के विरूद्ध अंतराष्ट्रीय दिवस

 28-जून-2017 18:52 IST
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का जनजागरण कार्यक्रम
The Union Minister for Social Justice and Empowerment, Shri Thaawar Chand Gehlot addressing at a programme on the occasion of the “International Day against Drug Abuse & Illicit Trafficking”, organised by the Ministry of Social Justice & Empowerment, in New Delhi on June 28, 2017.
नई दिल्ली:28 जून 2017: (पीआईबी//FIB मीडिया)::
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने मादक पदार्थों के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के विरूद्ध अंतराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आज यहां एक समारोह आयोजित किया। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावर चंद गहलोत ने समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर और श्री विजय सांपला के अलावा भारत में यूएनओडीसी के प्रतिनिधि श्री सरगी कैपीनोस, मंत्रालय में सचिव श्रीमती जी.लता कृष्ण राव और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
इस अवसर पर थावर चन्द गहलोत ने युवाओं और जनता का आह्वान किया कि वे देश को मादक पदार्थों और अवैध तस्करी से मुक्त करायें। उन्होंने कहा कि केवल सरकार के प्रयासों से इस उद्देश्य को पूरा नहीं किया जा सकता। इस बुराई को समाप्त करने के लिए लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए अनेक व्यक्तियों और इस क्षेत्र में काम कर रहे एनजीओ के प्रयासों की सराहना की और जानकारी दी की उनका मंत्रालय नशा करने वालों की पहचान करने, उनके इलाज और पुनर्वास के लिए स्वयं सेवी संगठनों के जरिए समुदाय आधारित सेवायें प्रदान करता है।
अपने संबोधन में श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सरकार ने अनेक पहल की हैं और परिवार के सदस्य तथा समाज बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। श्री विजय सांपला ने कहा कि लोगों को मादक पदार्थों की बुराइयों के प्रति जागरूक करना चाहिए और अनेक संगठन इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।
प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी देखी। भारत में यूएनओडीसी के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव का संदेश पढ़ा। इस अवसर पर एक नृत्य नाटिका दिखाई गयी।
मंत्रालय मादक पदार्थों के दुरूपयोग की निगरानी करता है जिसमें नशा करने वालों की समस्या का आकलन, एहतियाती उपाय, इलाज और पुनर्वास, सूचना का प्रसार और जनजागरण शामिल है। मंत्रालय नशा मुक्ति केन्द्र चलाने के लिए देश भर के करीब 400 एनजीओ को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। मंत्रालय ने नशा मुक्ति के लिए 24 घंटे की एक टोल फ्री सेवा भी स्थापित की है।
इससे पहले आज सुबह नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर ‘मादक पदार्थ के दुरूपयोग के विरूद्ध दौड़’ आयोजित की गयी जिसमें 4000 लोगों ने भाग लिया। श्री थावर चंद गहलोत ने इस दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्री गुर्जर, श्री सांपला, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्रालय की सचिव जी. लता के अलावा अनेक अन्य लोग उपस्थित थे। (PIB)
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Tuesday, 27 June 2017

सरकार के नादरशाही रवैये से फेल छात्रों का उग्र रोष

Sohan kr.Sahni / Arun kumar :⇒ FIB.Media
कलम पकड़ने वाले हाथों में आये पत्थर 
            मजबूर छात्रों ने तोड़ फ़ोड़ कर जहाँ  पुलिस 
वाहन को आग में झोंका, आधा  किलोमीटर तक रेल लाइन को नुकसान पहुंचा  कर बिहार शरीफ   रेलवे स्टेशन में भी तोड़फोड़ कर रेल पटरी पर लोहा गार्डर भारी लकड़ियां रख कर ट्रैन के आवा जाही  में रुकावट डाली। छात्रों के आगे प्रशासन बेबस नजर आया, हमारे मीडिया रिपोर्टरों ने जो जानकारी दी वह  सरकारी भ्रष्टाचार , गैर जिम्मेदाराना और बेशर्मी की हद और सरकार  की नाकामी जैसे कई कमियां और षड्यंत्र की मिली जुली सड़ीगली व्यवस्था को जिम्मेदार
    मैट्रिक ,हाई स्कूल  की परिक्षा   की एग्जाम पेपर की कांपियों पेपर की जाँच में सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार ? इंग्लिश के पेपर की जाँच साइंस के टीचर,  मैथमैटिक के पेपर की जाँच आर्ट के टीचर से , इसी तरह अन्य सब्जेक्ट के पेपर अन्य टीचरों से करवाया गया।  जब 99 प्रतिशत छात्र फेल हो गए और सारी  की सारी  सच्चाई सामने आई तो छात्रों का गुस्सा बाहर  आगया और उनके क्रोध में जो भी सामने आया इनके क्रोध का शिकार होता गया , यहाँ तक की मीडिया के लोगो का भी मारपीट कर सर तक फोड़ दिए। आखिर इन छात्रों का जीवन बर्बाद करने के पीछे किसकी साजिश काम कर रही है? कौन सी देशी विदेशी शक्तियों के हाथ सरकारी नुमाइंदे बिक रहे हैं , जिसके आड़ में नौजवानो को आगे करके देश तोड़ने का षड्यंत्र  किया जा रहा है? 
   जब की एक शिक्षित नागरिक ही दुनियां में अपने परिवार , अपने देश और अपनी ज़िंदगी सँवारने की क्षमता  रखता है। रह गयी नालंदा विश्व विद्यालय की तो यह पूरी दुनियां में  विख्यात शिक्षण स्थान जो बिहार राज्य को पुरे विश्व में मशहूर करने में अपना एक अलग स्थान रखता है। 

Monday, 26 June 2017

कश्मीर में GST और धारा 370 ?

करोड़ों अरबों रूपये खर्च अबतक सैकड़ों हजारों फौजियों  की मौत का कौन जिम्मेदार है या राजनिति का ड्रामा ही  रहेगा  

       
Courtesy Photo
Dr, Bharat  F I B, Media Intelligence  
 ⇨ :  370की धारा को ख़त्म करने की मांग भाजपा व कुछ अन्य ने सन 1950-55  के बाद से करती रही है,विपक्ष के तौर पर तत्कालीन सरकार के नाकों में दम तक कर दिए   और आज क्यों 370 की धारा   पर अब  चर्चा नहीं? क्यों इस मुद्दे से देश वासियों  को उल्लू बनाया जा रहा है,और उल्टे GST की छूट दी जा रही है।  
      काश्मीर में भारत सरकार द्वारा GST क्यों लागु नहीं किया जा रहा है।
कहा गए भाजपा और विहिप  जैसों के जिम्मेदार लोग  जो देश की आज़ादी के बाद से ही चिल्लाते रहते थे कि काश्मीर से 370 की धारा हटाई जाये, ख़त्म किया जाये। और आज जब खुद पूरी शक्ति और बहुमत से सत्ता पर काबिज हैं  पूरे देश की ताकत हाथ में लेकर बैठे हैं तो अब किस बात का डर ?
     यह बड़े  ही दुःख की बात है 1950 से ही  जम्मू कश्मीर के नाम पर हमेसा राजनीत की जाती रही है ,और इसी राजनीति के बीच में  स्थानीय नागरिकों के साथ साथ फ़ौज के जवान भी अपनी जिंदगी  से हाथ धो रहे हैं। आखिर कब तक यह सब राजनितिक ड्रामा चलता रहेगा और कश्मीर के अंदर स्थानीय और भारत के लोगों के खून से  जमीं लाल होती रहेगी। 
        वक्त का तकाजा है  की सियासत के क़द्र दानों ,ठीकेदारों अब भी वक्त को नहीं समझ सके तो विदेशी  शक्तियां हिंदुस्तान  को छिन्न भिन्न कर  आपके  वजूद को भी ख़त्म कर  तबाही  ही तबाही  मचा  देंगी   ?अगर ऐसे मसलों पर देश के जिम्मेदार राजनीतिज्ञ  नहीं जगे तो  अक्षम्य अपराध ही होगा और तब बहुत देर हो चुकी होगी। 

Sunday, 25 June 2017

कदम कदम पर शक्ति देते हैं पंच मुखी बाला जी

भक्ति शक्ति के प्रत्यक्ष देवता हैं महाबीर हनुमान 
FIB मीडिया के डा. भारत की विशेष पोस्ट 


शिव शक्ति, शिव  अंशावतार अष्ट सिद्धि नवनिधि से भरपूर   महाबली, प्रकांड विद्वान, परम भक्त वीर हनुमान जी के सन्दर्भ में जितना भी कहा सुना और लिखा  जाये वह कम ही है।   सबसे बड़ी  जो बात है की हनुमान जी सतयुग तक अमर और सात्विक देवता हैं,और माता वैष्णो  देवी के द्वार पर चौबीसों घंटे इन्ही हनुमान जी का पहरा है।  
       दुनियाँ  के किसी भी हिस्से में  मनुष्य अपने श्रद्धा भक्ति द्वारा कभी  भी कहीं भी  इनकी कृपा  आशीर्वाद प्राप्त  कर सकता है। मनुष्य अपने और  मानव कल्याण के लिए पवित्र जगह देखकर  इनकी प्रतिक मंदिर बनाकर आराधना विविधि प्रकार से  पूजा पाठ कर भक्ति शक्ति  प्राप्त करता है। 
        लुधियाना  महानगर के दुर्गापुरी हैबोवाल क्षेत्र में स्थापित  पांच मुखी बालाजी मंदिर  की सेवा देख रेख भक्त संजय गुप्ता  की अगुआई  अध्यक्ष्ता  में  भगवान बालाजी  मंदिर दिनों पर दिन श्रद्धा का केंद्र  बनता जा रहा है। हर हफ्ते  चौकी  भंडारा  में सैकड़ों की संख्या में  भक्तगण  शामिल  होकर  जहाँ आनंद विभोर होते हैं वहीँ भगवन बाला जी  ( हनुमान जी ) की कृपा और  आशीर्वाद  भी प्राप्त होता है।      
             

अब भारत अफगान दोस्ती के प्रतीक सलमा बांध पर आतंकी हमला

10 अफगान पुलिस वालों की हत्या 
Courtesy Photo: Dabang Duniya 
FIB मीडिया इंटरनेशनल डेस्क की ख़ास रिपोर्ट 
     आतंक के निशाने पर पूरी दुनिया है। आतंकी संगठनों की सही सही संख्या का पता लगाना भी मुश्किल है। अब नया हमला हुआ है सलमा बांध पर। अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों ने सलमा बांध पर हमला करके 10 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। गौरतलब है कि सलमा बांध को भारत सरकार की मदद से बनाया गया था, जिसे 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम' भी कहा जाता है। इसी बांध के चेकपोस्ट पर तालीबानी आतंकियों ने हमला किया और 10 अफगानी पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
     तालिबानी आतंकियों ने शनिवार की देर रात ये हमला बोला था। इस हमले में कम से कम 4 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम' हेरात प्रांत में है, जिसे भारत की मदद से बनाया गया है और अफगानिस्तान की सरकार ने इसे अफगानिस्तानियों को दिया भारतीय तोहफा माना है। इस सौगात को निशाना बनाना साफ़ ज़ाहिर करता है कि  आतंकी संगठन इस दोस्ती से परेशान हैं और इसके खिलाफ हैं। 
        इस मामले में सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक भारी हथियारों से लैस तालिबानी आतंकियों ने चाश्त जिले में बने सलमा बांध के साथ के चेकपोस्ट पर हमला किया। हमला बहुत ही अचानक था।  सम्भलने का मौका भी नहीं था। तालिबानी आतंकी पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद फरार होने में भी सफल रहे। इस दौरान दोनों ही तरफ से जोरदार गोलीबारी हुई, पर तालिबानी आतंकी अफगानी सुरक्षाबलों पर भारी पड़े। अफगानिस्तान में भारत के राजदूत मनप्रीत वोहरा ने भी इसे तालिबानी हमला बताया है। इस हमले के बाद सारी रणनीति पर दोबारा विचार आवश्यक लग रहा है। 
इसके साथ ही तालिबान ने कराची एयरपोर्ट हमले की जिम्मेदारी भी स्वीकार की है। 
उल्लेखनीय है कि सलमा बांध यानि 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम'  का जून 2016 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उद्घाटन किया था। ये प्रोजेक्ट 1700 करोड़ रुपयों में बना है, जो हेरात प्रांत में रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण जगह पर है। इस बांध को चिस्ती शरीफ नदी पर बनाया गया है, जिससे 42 मेगावॉट बिजली का उत्पादन तो होता ही है, साथ ही 75 हजार हेक्टेयर खेती की जमीन पर सिंचाई भी होनी है। इस से वहां के विकास की गति को पंख लग गए थे। 
      यह भी बता दें कि अफगानिस्तान में साल 2014 से अमेरिकी फौजों के वापस लौटने और अपनी भूमिका को अफगानी सुरक्षाबलों के सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों तक सीमित करने के बाद तालिबान तेजी से अपने पैर पसार रहा है। अब देखना यह है कि इस मामले पर सभी देश एकजुट हो कर कोई कदम उठाते है या नहीं?

Saturday, 24 June 2017

श्रीनगर के पंथा चौक में CRPF पर आतंकी हमला

एक जवान शहीद: दो घायल: इलाके में सर्च आपरेशन
जम्मू: 24 जून 2017: (FIB मीडिया ब्यूरो)::
हम कई बार चेता चुके हैं। खतरा दिन प्रति दिन बढ़ रहा है। आसमान पर तबाही के बादल मण्डरा रहे हैं।
वतन की फिक्र कर नादान, 
मुसीबत आने वाली है 
तेरी बर्बादियों के मशविरे हैं आसमानों में। 

न समझोगे तो मिट जाओगे ए हिन्दुस्तान वालों 

तुम्हारी दास्तान तक न होगी दस्तानों में। 
FIB मीडिया की बातें कई बार सच निकल चुकी हैं। आतंकी खतरे लगातार गहरा रहे हैं। दुःख है कि  कई बार चेताने के बावजूद इन खतरों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया गया जितना लिया जाना चाहिए था। अब नई  खबर आ रही है जम्मू कश्मीर से। जम्मू कश्मीर में शनिवार को एक बार फिर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया है। जानकारी के अनुसार श्रीनगर के पंथाचौक में सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर आतंकियों द्वारा फायरिंग की गई है। आतंकी हमलों में लगातार वृद्धि बहुत ही गंभीर खतरों का संकेत है लेकिन हमारे देश के राजनीतिज्ञ भांग पीकर कुम्भकर्णी नीद में हैं ।   

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित पंथा चौक में आतंकियों द्वारा शाम करीब 6 बजे के आसपास सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर फायरिंग की है। इस हमले में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हुआ है जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इलाके में सनसनी का माहौल है। 

हमारे सूत्रों के मुताबिक आतंकियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के बाद इलाके को सुरक्षाबलों द्वारा घेर लिया गया है। आतंकी हमले के बाद से ही इस पूरे इलाके को सीज करके आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसमें सुरक्षा बलों को क्या सफलता मिलती है इसका खुलासा होते ही हम अपने पाठकों को इसका विवरण देंगें। 


अन्तरिक्ष में भी लहराई भारतीय तिरंगे की शान

FIB मीडिया इंटेलिजेंस के डाक्टर भारत की तरफ से सभी भारतवासियों को बधाई:
अंतरिक्ष के मामले में भी भारत के विज्ञानी रच रहे हैं नया इतिहास
भारतीय राकेट ( पी.एस.एल .वी . ) कार्टोसैट - 2  ने अमेरिका ,ऑस्ट्रिया ,बैल्जिअम ,चिली, चैक रिपब्लिक,न फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातालिया, लिथुयानिआ, स्लोवाकिया, ब्रिटेन के 29 नैनों उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाने वाली भारतीय शक्ति। 
नई दिल्ली: सियासतदानों का अंदाज़ कुछ भी रहे लेकिन देश के विज्ञानी लगातार देश के विकास के लिए दिन रात लगे रहते है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने एक बार फिर से लहराया अपने काबिलियत का पताका। तिरंगे जब आकाश में पहुंचा तो सारा आसमान ही हिन्दोस्तानी रंग में रंग गया।   इसरो ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से 30 सह-उपग्रहों के साथ कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह को लॉन्च किया है। इसकी लांचिंग से बना है एक नया इतिहास। 
यह बहुत ही महत्वपूर्ण रहा। इसरो ने कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह पीएसएलवी-सी 38 के साथ करीब 243 किलोग्राम वजन वाले 30 अन्य सह उपग्रहों को भी एक साथ प्रक्षेपित किया है. यह उपग्रह 505 किलोमीटर ध्रुवीय सूर्य स्थैतिक कक्षा (एसएसओ) में पहुंचने के लिए रवाना हो गया।  इसकी लांचिंग से सारी दुनिया दंग रह गयी। 

इसका विवरण देते हुए इसरो ने बताया कि इन सेटेलाइट्स को कृषि फसल की निगरानी और आपदा प्रबंधन के लिए मल्टी-स्पेक्ट्रल तस्वीरें प्रदान कराने के लिए बनाया गया है. इतना ही नही पीएसएलवी-सी 38 के साथ अंतरिक्ष में भेजे गए इन उपग्रहों में भारत के अलावा ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया, ब्रिटेन और अमेरिका समेत करीब 14 देशों के 29 नैनो उपग्रह भी शामिल हैं। जानकारी के लिए बता दें कि PSLV-C 38 श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लांच पैड से लॉन्च किया गया. इसरो के अनुसार पीएसएलवी का यह 40वां ( PSLV-C 38) सफर है। 
उल्लेखनीय है कि इस श्रृंखला का ये छठा सेटेलाइट होगा. पिछले सेटेसाइट्स की तरह कार्टोसैट-2 में पेनक्रोमेटिक इमेजर लगा हुआ है. साथ ही इसमें मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग सिस्टम भी मौजूद है. 712 किलोग्राम वाले इन सेटेसाइट्स की अंतरिक्ष में अनुमानित आयु पांच साल है।  उम्मीद है इन पांच वर्षों में यह बहुत कुछ नया करके देगा। 
आपको मालूम है इसका विवरण। ये अंतरिक्ष यान रिएक्शन व्हील्स, मैग्नेटॉर्क और हाइड्रजीन ईंधन युक्त होगा. 30 उपग्रहों का कुल भार 243 किलोग्राम और कार्टोसैट को मिलाकर सभी 31 उपग्रहों का कुल भार 955 किलोग्राम है. अंतरिक्ष यान में ऊर्जा सोलर ऊर्जा के साथ दो लिथियम आयन बैटरी चार्ज से प्राप्त किया जाएगा। विकास के इस नए अध्याय की खुशखबरी पर आप सभी बधाई।