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Saturday, 22 July 2017

पाकिस्‍तान द्वारा सैंकड़ों बार हुआ संघर्ष-विराम का उल्‍लंघन

21-जुलाई-2017 16:56 IST
आतंकी घटनाओं और घुसपैठ में भी लगातार हो रही है वृद्धि
नई  दिल्ली: 21 जुलाई 2017: (पीआईबी):: 
पिछले तीन वर्षों और मौजूदा वर्ष के दौरान पाकिस्‍तान द्वारा किये जाने वाले संघर्ष-विराम उल्‍लंघन का ब्‍यौरा इस प्रकार है :-
संघर्ष-विराम उल्‍लंघन की संख्‍या
वर्षसेना के नियंत्रण के अधीन जम्‍मू एवं कश्‍मीर राज्‍य में नियंत्रण रेखा परसीमा सुरक्षा बल के अधीन जम्‍मू एवं  कश्‍मीर राज्‍य में अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा पर
2014153430
2015152253
2016228221
2017228
(11 जुलाई तक)
23
(30 जून तक)
पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान संघर्ष-विराम उल्‍लंघन में हताहत होने वाले सुरक्षा कर्मियों/नागरिकों का ब्‍यौरा निम्‍न प्रकार है :-
समयसैन्‍य कर्मी*बीएसएफ कर्मी #नागरिक#
मृतक घायलमृतक घायलमृतकघायल
20140111021714101
2015061704091671
2016087405251383
2017042101030314
* 11 जुलाई, 2017 तक
# 30 जून, 2017 तक
सुरक्षा कर्मियों के नजदीकी रिश्‍तेदारों को दी जाने वाली एकमुश्‍त अनुग्रह राशि का ब्‍यौरा :-
क्र.सं.विवरण01/01/2006 से प्रभावी 01/01/2016 से प्रभावी 
1.आतंकी हिंसा में कर्तव्‍य निवर्हन के दौरान मृत्‍यु होने पर10 लाख रूपये25 लाख रूपये
2.युद्ध में दुश्‍मन की गतिविधियों या सीमा संघर्षों या उग्रवादियों,आतंकियों आदि के विरूद्ध कार्रवाई में होने वाली मृत्‍यु15 लाख रूपये35 लाख रूपये
3.सेना सामूहिक बीमा निधि30/09/16 से प्रभावी 01/10/16 से प्रभावी
अधिकारी60 लाख रूपये75  लाख रूपये
जेसीओ/अन्‍य पद30 लाख रूपये37.5 लाख रूपये
इसके अतिरिक्‍त नियमानुसार उदार पारिवारिक पेंशन, मृत्‍यु-सह-सेवानिवृत्ति-ग्रेच्‍युटी आदि जैसे अन्‍य लाभ।

केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों/राज्‍य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मृत नागरिकों, सुरक्षाबल कर्मियों को अनुग्रह राशि/मुआवजे का भुगतान किया जाता है।
सरकार द्वारा उठाये गये प्रति‍रोधी कदम :- दुश्‍मन की गोलाबारी का मुकाबला करने के लिए सभी अग्रिम चौकियों को मजबूत बनाया गया है। अपनी कैजुअल्‍टी को न्‍यूनतम करने के मद्देनजर दुश्‍मन की गोलाबारी के खिलाफ मानक अभियान प्रक्रिया मौजूद है।
भारतीय फौज आवश्‍यकता पड़ने पर संघर्ष-विराम उल्‍लंघन का उचित जवाब देती है। इसके अतिरिक्‍त संघर्षविराम उल्‍लंघन का मुद्दा मौजूदा प्रणाली के तहत हॉटलाइन, फ्लैग मीटिंग और दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच होने वाली साप्‍ताहिक वार्ता के दौरान उठाया जाता है।
हाल में जम्‍मू और कश्‍मीर राज्‍य में नियंत्रण रेखा पर दुश्‍मनों द्वारा किसी भी प्रकार की सशस्‍त्र घुसपैठ नहीं हुई है। 
सेना के विरूद्ध आतंकी घटनाओं का ब्‍यौरा इस प्रकार है :-
वर्षघटनाओं की संख्‍यासैन्‍य कैजुअल्‍टी
201504-
20160931
2017
(11 जुलाई, 2017 तक)
1409

नियंत्रण रेखा पर नाकाम घुसपैठ प्रयासों (आईबीई) और कैजुअल्‍टी का विवरण इस प्रकार है :-
वर्षआईबीई की संख्‍यामारे गये आतंकीशहीद सैन्‍य कर्मी
2014233909
2015183008
2016273709
2017
(11 जुलाई, 2017 तक)
163603

संघर्ष की स्थिति को छोड़कर शेष सभी प्रतिस्‍थापनाओं में सेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।

यह जानकारी आज लोकसभा में श्रीमती सुप्रिया सुले एवं अन्‍य को दिये गये एक लिखित उत्‍तर में रक्षा राज्‍य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने दी।  (PIB)
वीके/एकेपी/जीआरएस  – 3081   

Sunday, 25 June 2017

अब भारत अफगान दोस्ती के प्रतीक सलमा बांध पर आतंकी हमला

10 अफगान पुलिस वालों की हत्या 
Courtesy Photo: Dabang Duniya 
FIB मीडिया इंटरनेशनल डेस्क की ख़ास रिपोर्ट 
     आतंक के निशाने पर पूरी दुनिया है। आतंकी संगठनों की सही सही संख्या का पता लगाना भी मुश्किल है। अब नया हमला हुआ है सलमा बांध पर। अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों ने सलमा बांध पर हमला करके 10 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। गौरतलब है कि सलमा बांध को भारत सरकार की मदद से बनाया गया था, जिसे 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम' भी कहा जाता है। इसी बांध के चेकपोस्ट पर तालीबानी आतंकियों ने हमला किया और 10 अफगानी पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
     तालिबानी आतंकियों ने शनिवार की देर रात ये हमला बोला था। इस हमले में कम से कम 4 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम' हेरात प्रांत में है, जिसे भारत की मदद से बनाया गया है और अफगानिस्तान की सरकार ने इसे अफगानिस्तानियों को दिया भारतीय तोहफा माना है। इस सौगात को निशाना बनाना साफ़ ज़ाहिर करता है कि  आतंकी संगठन इस दोस्ती से परेशान हैं और इसके खिलाफ हैं। 
        इस मामले में सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक भारी हथियारों से लैस तालिबानी आतंकियों ने चाश्त जिले में बने सलमा बांध के साथ के चेकपोस्ट पर हमला किया। हमला बहुत ही अचानक था।  सम्भलने का मौका भी नहीं था। तालिबानी आतंकी पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद फरार होने में भी सफल रहे। इस दौरान दोनों ही तरफ से जोरदार गोलीबारी हुई, पर तालिबानी आतंकी अफगानी सुरक्षाबलों पर भारी पड़े। अफगानिस्तान में भारत के राजदूत मनप्रीत वोहरा ने भी इसे तालिबानी हमला बताया है। इस हमले के बाद सारी रणनीति पर दोबारा विचार आवश्यक लग रहा है। 
इसके साथ ही तालिबान ने कराची एयरपोर्ट हमले की जिम्मेदारी भी स्वीकार की है। 
उल्लेखनीय है कि सलमा बांध यानि 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम'  का जून 2016 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उद्घाटन किया था। ये प्रोजेक्ट 1700 करोड़ रुपयों में बना है, जो हेरात प्रांत में रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण जगह पर है। इस बांध को चिस्ती शरीफ नदी पर बनाया गया है, जिससे 42 मेगावॉट बिजली का उत्पादन तो होता ही है, साथ ही 75 हजार हेक्टेयर खेती की जमीन पर सिंचाई भी होनी है। इस से वहां के विकास की गति को पंख लग गए थे। 
      यह भी बता दें कि अफगानिस्तान में साल 2014 से अमेरिकी फौजों के वापस लौटने और अपनी भूमिका को अफगानी सुरक्षाबलों के सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों तक सीमित करने के बाद तालिबान तेजी से अपने पैर पसार रहा है। अब देखना यह है कि इस मामले पर सभी देश एकजुट हो कर कोई कदम उठाते है या नहीं?

Saturday, 24 June 2017

श्रीनगर के पंथा चौक में CRPF पर आतंकी हमला

एक जवान शहीद: दो घायल: इलाके में सर्च आपरेशन
जम्मू: 24 जून 2017: (FIB मीडिया ब्यूरो)::
हम कई बार चेता चुके हैं। खतरा दिन प्रति दिन बढ़ रहा है। आसमान पर तबाही के बादल मण्डरा रहे हैं।
वतन की फिक्र कर नादान, 
मुसीबत आने वाली है 
तेरी बर्बादियों के मशविरे हैं आसमानों में। 

न समझोगे तो मिट जाओगे ए हिन्दुस्तान वालों 

तुम्हारी दास्तान तक न होगी दस्तानों में। 
FIB मीडिया की बातें कई बार सच निकल चुकी हैं। आतंकी खतरे लगातार गहरा रहे हैं। दुःख है कि  कई बार चेताने के बावजूद इन खतरों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया गया जितना लिया जाना चाहिए था। अब नई  खबर आ रही है जम्मू कश्मीर से। जम्मू कश्मीर में शनिवार को एक बार फिर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया है। जानकारी के अनुसार श्रीनगर के पंथाचौक में सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर आतंकियों द्वारा फायरिंग की गई है। आतंकी हमलों में लगातार वृद्धि बहुत ही गंभीर खतरों का संकेत है लेकिन हमारे देश के राजनीतिज्ञ भांग पीकर कुम्भकर्णी नीद में हैं ।   

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित पंथा चौक में आतंकियों द्वारा शाम करीब 6 बजे के आसपास सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर फायरिंग की है। इस हमले में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हुआ है जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इलाके में सनसनी का माहौल है। 

हमारे सूत्रों के मुताबिक आतंकियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के बाद इलाके को सुरक्षाबलों द्वारा घेर लिया गया है। आतंकी हमले के बाद से ही इस पूरे इलाके को सीज करके आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसमें सुरक्षा बलों को क्या सफलता मिलती है इसका खुलासा होते ही हम अपने पाठकों को इसका विवरण देंगें।