Tuesday, 23 July 2019

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक कसौटी पर खरा समय Time गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )

काल समय Time = का निर्धारित समय सीमा क्या है?  डॉक्टर भारत Dr.Bharat : Director F.I.B.  & आध्यात्मिक लेखक। 
प्रकृति Nature के समय के हिसाब से जीवन चक्र चल रहा है, अखिल ब्रह्माण्ड का समय सात ( लोकों ) क्षेतों में अलग अलग समय उम्र की समय सीमा है , प्राचीन विज्ञानं के सामने आज का विज्ञान एक बच्चे के सामान है ( यानि की  पश्चात विज्ञान  इतनी तरक्की नहीं कर पाया है की वह प्राचीन विज्ञान की बराबरी दर्शा सके )। प्राचीन विज्ञान यह प्रमाणित करता है की जहाँ ब्रह्माण्ड के अनन्य लोकों की मानव द्वारा निर्धारित दिन क्या वर्ष क्या  के हिसाब से लाखों करोणों अरबों साल उम्र जीवन काल है , वहीँ पृथ्वी पर मानव उम्र  100 साल आंकी गई है जब की  सबसे कम उम्र के जीव का जीवन चक्र एक सेकेण्ड के ३४ हज़ार वे भाग तक जिसे क्रति के नाम से जाना जाता  है। उसके बाद कुछ जिव का जीवन चक्र एक सेकेण्ड के ३ सौवें भाग तक , कुछ का जीवन चक्र क्षण कुछ का पल ,कुछ का घडी ,कुछ का होरा ( जिसे हम एक घंटे के नाम से जानते है ) दिन २४ घंटा सप्ताह , महीना ,साल. शताब्दी ( १०० साल )एक हज़ार वर्ष = एक सहस्राब्दी , 432 सहस्राब्दी = एक युग, 432 सहस्राब्दी का एक युग= चार लाख 32 हजार का युग  ,, 2 युग 8 लाख 64  हजार  =द्वापर युग , 3 युग 12 लाख 96 हजार वर्ष = त्रेता युग , चार युग = 1728000 = सत्य युग , इन चारों को मिलाकर महायुग की संज्ञा दी जाती है। 76  महायुग का एक मन्वन्तर मनु रूपी शक्ति , 1000  महायुग = एक कल्प ,,,  यहाँ यह लिखना तर्कसंगत है की वेद शास्त्र ,पुराण ,महाभारत , गीता ,  रामायण अध्यात्म , वैज्ञानिक स्तर पर शत  प्रितशत  सत्य हैं , मौजूदा पोंगा पंडितों ने तोड़ मरोड़ कर सब धार्मिक आडम्बर से बेड़ागर्क कर दिया जिससे सत्य बातें भी  किस्से कहानी जैसी ही लगती हैं ।  जब कि आप इन ग्रंथों को  वैज्ञानिकी तौर पर अध्यन चिंतन करें  तो आपको यह जानकार आश्चर्य होगा की इन सब ग्रंथों में व्यतीत लिखित बाते शत्य पर आधारित A  to z सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की जानकारियां भरी पड़ी है। 
      नीचे के लाइनों पंक्तियों में उन्ही ग्रंथों वेद, शास्त्र, पुराण , उपनिखित इत्यादि में वर्णित बातों को जिसको विश्व का कोई वैज्ञानिक , कोई पंथ धर्म चैलेंज नहीं कर सकता प्रस्तुत किया गया है।  साथ ही यहाँ यह लिखना जरूरी समझते हैं की समूर्ण विश्व में सिर्फ  एक धर्म है  जो प्रकृति के हिसाब से चलता है वह है सनातन , बाकि हिन्दू , मुस्लिम ,सिख ,इसाई, बौद्ध ,जैन इत्यादि पंथ है धर्म नहीं धर्म तो सिर्फ मानवता इंसानियत = सनातन धर्म है।     
विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक कसौटी पर खरा  समय Time गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )

■ क्रति = सैकन्ड का  34000 वाँ भाग
■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग
■ 2 त्रुति = 1 लव ,
■ 1 लव = 1 क्षण
■ 30 क्षण = 1 विपल ,
■ 60 विपल = 1 पल
■ 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) ,
■ 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा )
■ 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) ,
■ 7 दिवस = 1 सप्ताह
■ 4 सप्ताह = 1 माह ,
■ 2 माह = 1 ऋतू
■ 6 ऋतू = 1 वर्ष ,
■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी
■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग
■ 2 युग = 1 द्वापर युग ,
■ 3 युग = 1 त्रैता युग ,
■ 4 युग = सतयुग
■ सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
■ 76 महायुग = मनवन्तर ,
■ 1000 महायुग = 1 कल्प
■ 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
■ 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
■ महाकाल = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )

सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यही है। जो हमारे देश भारत में बना। ये हमारा भारत जिस पर हमको गर्व है l
एक ब्रह्म = एक ओंकार = एक रब अल्लाह =एक परमेश्वर सब एक हीहै 
 दो लिंग : नर और नारी ।
दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।
दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन।

तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।
तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।
तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।
तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।
तीन स्थिति : ठोस, द्रव, वायु।
तीन स्तर : प्रारंभ, मध्य, अंत।
तीन पड़ाव : बचपन, जवानी, बुढ़ापा।
तीन रचनाएँ : देव, दानव, मानव।
तीन अवस्था : जागृत, मृत, बेहोशी।
तीन काल : भूत, भविष्य, वर्तमान।
तीन नाड़ी : इडा, पिंगला, सुषुम्ना।
तीन संध्या : प्रात:, मध्याह्न, सायं।
तीन शक्ति : इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति।

चार धाम : बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका।
चार मुनि : सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार।
चार वर्ण : ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
चार निति : साम, दाम, दंड, भेद।
चार वेद : सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।
चार स्त्री : माता, पत्नी, बहन, पुत्री।
चार युग : सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग।
चार समय : सुबह, शाम, दिन, रात।
चार अप्सरा : उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा।
चार गुरु : माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु।
चार प्राणी : जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर।
चार जीव : अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज।
चार वाणी : ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्।
चार आश्रम : ब्रह्मचर्य, ग्राहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास।
चार भोज्य : खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य।
चार पुरुषार्थ : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष।
चार वाद्य : तत्, सुषिर, अवनद्व, घन।

पाँच तत्व : पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु।
पाँच देवता : गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य।
पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा।
पाँच कर्म : रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि।
पाँच  उंगलियां : अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा।
पाँच पूजा उपचार : गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेद्य।
पाँच अमृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
पाँच प्रेत : भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस।
पाँच स्वाद : मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा।
पाँच वायु : प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान।
पाँच इन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन।
पाँच वटवृक्ष : सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)।
पाँच पत्ते : आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक।
पाँच कन्या : अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी।

छ: ॠतु : शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर।
छ: ज्ञान के अंग : शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।
छ: कर्म : देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान।
छ: दोष : काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच),  मोह, आलस्य।

सात छंद : गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती।
सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
सात सुर : षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद।
सात चक्र : सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मुलाधार।
सात वार : रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
सात मिट्टी : गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब।
सात महाद्वीप : जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप।
सात ॠषि : वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भारद्वाज, अत्रि, वामदेव, शौनक।
सात ॠषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज।
सात धातु (शारीरिक) : रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य।
सात रंग : बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल।
सात पुरी : मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची।
सात धान्य : उड़द, गेहूँ, चना, चांवल, जौ, मूँग, बाजरा।

आठ मातृका : ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा।
आठ लक्ष्मी : आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।
आठ वसु : अप (अह:/अयज), ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभास।
आठ सिद्धि : अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व।
आठ धातु : सोना, चांदी, ताम्बा, सीसा जस्ता, टिन, लोहा, पारा।

नवदुर्गा : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री।
नवग्रह : सुर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
नवरत्न : हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज, नीलम, गोमेद, लहसुनिया।
नवनिधि : पद्मनिधि, महापद्मनिधि, नीलनिधि, मुकुंदनिधि, नंदनिधि, मकरनिधि, कच्छपनिधि, शंखनिधि, खर्व/मिश्र निधि।

दस महाविद्या : काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला।
दस दिशाएँ : पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैॠत्य, वायव्य, ईशान, ऊपर, नीचे।
दस दिक्पाल : इन्द्र, अग्नि, यमराज, नैॠिति, वरुण, वायुदेव, कुबेर, ईशान, ब्रह्मा, अनंत।
दस अवतार (विष्णुजी) : मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि।
दस सति : सावित्री, अनुसुइया, मंदोदरी, तुलसी, द्रौपदी, गांधारी, सीता, दमयन्ती, सुलक्षणा, अरुंधती।

उक्त जानकारी शास्त्रोक्त 📚 आधार पर... हैं ।

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Dr. Bharat

Thursday, 11 July 2019

भारतीय हथियार जिन्हें दुनिया का कोई भी देश नहीं रोक सकता

 आश्मान की ऊंचाइयों पर भारतीय सुरक्षा सेना की तकनीकी 
Dr. Bharat  : Director  > First Investigation Bureau


        इतिहास गवाह  प्राकृतिक या मानवता के खिलाफ जब जब आसुरी शक्तियों का अत्याचार पापाचार बढ़ा है तब तब कुदरत ने मानवता की रक्षा हेतु मानव को ही अस्त्र शस्त्र का ज्ञान देकर असीमित शक्ति प्रदान की है। मौजूदा समय में आसुरी शक्तियां आतंकवाद के इलावा कुछ देश के शासकों को शैतानी दिमांग में खुरापाती काम को भी भर दिया है ,ऐसे शासक , राजा , मुखिया अपने अहंकार के तहत मानवता को शर्मसार कर कभी भी राक्षसी ,सैतानी काम को अंजाम देने के लिए किसी भी गिरी सी गिरी सीमा तक जा सकते हैं। ऐसे सैतानी दिमांग वाले शासक नेता  जैविक , रासायनिक , आणविक जैसे विध्वसंक हथियार  इस्तेमाल कर मानवता और  इस पृथ्वी का सत्यानाश करने से भी बाज़ नहीं आनेवाले हो चुके हैं। 
           ऐसे लोगों से मानवता और देश की रक्षा हेतु भारतीय वैज्ञानिकों और इस देश के कर्मवीर शासकों ने समय समय पर अपने प्रयास से संभालने और रक्षा की कोशिश की और कर रहे हैं।इसमें कोई दो राय नहीं कि हमारे देश की सेना  सुरक्षा बल  कमजोर हैं  नहीं सेना सर्व शक्तिशाली , भारतीय सेना की बहादुरी त्याग बलिदान विश्व में महान शक्ति शाली सेना सेना के रूप में जानी जाती है।  हमारे देश की एक ही कमी है जो सेना तो क्या पुरे देश का सत्यानाश कर सकती है वह है हमारे देश की कुछ सड़ीगली राजनीत , कुछ स्वार्थी राजनितिक नेता ऐसे तथाकथित  नेता जैसों की मुर्खता  से देश को छति उठानी पड  सकती हैं। हमारे देश की  जलसेना , वायु सेना , स्थल सेना , और रक्षा से सम्बंधित वैज्ञानिक महान  हैं और महान रहेंगे , लेकिन सियासत दानो राजनीतिकों से सावधानी जरुरी है । 

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Sunday, 7 July 2019

भारत के गृह मंत्री अमित शाह का कश्मीरी बयान सही , पर बाकी की सच्चाई जिसे राष्ट्र हित में अमल में लाना जरुरी l


जबतक भ्रष्ट राजनीतिकों पर करवाई नहीं तबतक देश से आतंकवाद कभी ख़त्म नहीं हो सकता। 
Dr. Bharat :- National Director FIB.
भारत के गृह मंत्री अमित शाह का कश्मीरी बयान सही , पर बाकी की सच्चाई जिसे राष्ट्र हित में अमल में लाना जरुरी l जबतक देश की कुव्यवस्था नहीं बदलती तबतक सब बैमानी और राजनीत तिकड़म ड्रामा ही मना जायेगा सरकार को राष्ट्र हित में सेना सम्बंधित और सरकारी स्कूल शिक्षा सम्बंधित कानून लागु करना ही होगा तभी देश खुशहाल हो सकता है।    

     विगत दिनों नई दिल्ली में अमित शाह की तरफ से जरी यह बयान स्वागत योग्य है की  कश्मीर के आतंकवादी अलगाववादी कश्मीरी युवकों को लालच और पैसे देकर आगजनी तोड़फोड़ पत्थरबाजी आतंकवादियों को समर्थन की शिक्षा देते और भड़काते हैं,और ऐसे कट्टरपंथियों अलगाववादियों की खुद की औलाद खुद के बच्चे विदेशों में अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं , यहाँ तक तो ठीक है लेकिन  जबकि यही  शब्द  मीडिया इस बात को बड़ी ही गभीरता से पिछले कई सालों से उठा और लिख रही है, खैर देश के नेताओं को इसकी समझ देर आये दुरुस्त आये वाली कहावत सटीक बैठती है l  यह ठीक है की राष्ट्र हित में ऐसी पहल और उसपर अमल होना चाहिए ताकि कुछ न कुछ सार्थक कदम शांति की वोर बढ़ सके l
    लेकीन जो बाते देश समाज के लिए अति जरुरी है जिससे देश की तकदीर को उज्जवल कर देश में समानता एकता भाई चारा मजबूत होकर देश मजबूत होकर एक नया इतिहास लिख सकता है वह जरुरी बाते दर किनार करदी गई ? और इसकी तरफ किसी भी राजनीतिक पार्टियों का ध्यान नहीं जा रहा है,या जानबूझ कर राजनितिक पार्टियों के कर्णधार नेतागण खुद करना नहीं चाहते l  
  प्रथम = अपने आपको संभ्रांत शिक्षित कहने कहलाने वाले ,देश हित की बड़ी बड़ी बातें करने वाले धनाढ्य पूँजीपती और हमारे देश के कर्णधार राजनेता अपने बच्चों को सिक्षा दिलाने के अहंकार में लाखों लाख करोडो रूपये प्राईवेट स्चूलों को चंदा देकर देश विदेश में भेजना अपनी शान समझते हैं और अपने ही देश के सरकारी स्चूलों में अपने बच्चों को कभी दाखिला तक नहीं दिलाते और न ही कभी सरकारी स्चूलों को उस अस्तर तक उठाने और व्यवस्था करने करने की कोशोश ही करते हैं जिससे  की इंडिया भारत के सरकारी स्कूलों  को विश्व अस्तर की शिक्षा  मानता  मान्यता मिल सके आधुनिक शिक्षा प्रणाली में संपूर्ण हो और देश की शान हो l

       नंबर दो =  सेना के नाम पर घडियाली आंसू बहाकर देश पर राज करने वालों से लेकर पक्ष विपक्ष तक सभी राजनितिक पार्टियों का कोई भाई बंधू कोई खुद का लड़का सेना में सिपाही हैं ?  क्या सेना के सुरक्षा बलों में मंत्री नेता के बच्चे देश की सुरक्षा कर रहे हैं ? वाह रे इस देश के कर्णधार अपने आपको देश भक्ति का राग अलापने वालों ? ? ... और  पेट की भूख मिटने के लिए अगर कोई दो चार रोटी चुरा ले तो पुलिस उसको मारमार कर अश्मारा कर देती है और दो चार केस और डालकर बड़ा चोर साबित कर सीधे जेल में डालदेता है  और करोड़ों अरबों रुपये चोरी करने वालों को VIP सुरक्षा मुहैया कराती है ,और हमारे न्यायलय कितना न्याय दे रहे हैं यह सब जग जाहिर है हमरे देश में जब तक दो तरफ़ा कानून नहीं बदलता ,जब तक देश के रक्षा, न्याय, शिक्षा की कुव्यवस्था दूर कर हालात के मुताबिक नयी व्यवस्था नहीं लागु होती तबतक देश के सभी राजनीतक नेतावों की बातों में बैमानी और धोखा ही होगा
  कहावत है की वो क्या जाने पीर परायी जाको पैर न फटी बेवाई
       याद रखे जब तक इस देश में राजनीतिकों द्वारा ,देश के धार्मिक सामाजिक अग्रणीय  समाज सुधारकों द्वारा  समानता का व्योहार समानता का कानून लागु नहीं होता तब तक न तो देश आगे बढ़ सकता है , नहीं देश से गरीबी दूर हो सकती है , और नहीं पापाचार ,न हीं अत्याचार बंद हो सकता है और आज भी ऐसे मतलबी स्वार्थी नेताओं की वजह से ही देश आतंकवाद की मार झेलते झेलते जर जर होता जा रहा है ./  भारत सरकार उन कट्टरपंथी नेतावों , धर्म के नामपर नफरत फ़ैलाने वाले धार्मिक नेताओ और परदे के पीछे से सडीगली राजनीत करने वाले राजनितिक नेताओ जो आतंकवाद नफरत अलगाववाद का जहर बोने वाले ऐसे नेताओं के विरुद्ध सरकार कड़े से कड़े  कदम नहीं उठाती तब तक देश हित की बाते बैमानी ही रहेगी  रही है ? और देश आगे........   
     अगर देश को वैभवशाली , शक्तिशाली , अपराधमुक्त , बनाना है तो देश के सभी राजनीतिकों को इमानदारी से देश के प्रति समर्पित होकर , देश के उन गद्दारों को , देश के अलगाववादियों को उंच नीचं जातिवाद का नफ़रत फ़ैलाने वालों को , हिन्दू  मुस्लिम सिख इसाई का साम्प्रदायिकता का जहर फ़ैलाने वालों के विरुद्ध एक जुट एक राय होकर सख्त से सख्त दंडात्मक करवाई कर दंडात्मक करवाई ही आखरी विकल्प है। 
     दूसरी तरफ सेना में हर राजनीतिकों के बच्चों की ज्वानिंग , सरकारी सकूलों में आमिर गरीब नेताओं  अभिनेताओं के बच्चों की शिक्षा अनिवार कर समन्ता वाले कानून लागु कर हर सरकारी विभागों की कार्य व्यवस्था नियम लागु करने के बाद ही भारत देश विश्व में आगे बढ़ सकता है वर्ना चिल्लाने, एकदूसरे पर दोषारोपण  घडियाली आंसू बहाने और भाषान्बाज़ी से कुछ नहीं हो सकता 
    अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश की जनता त्राहिमाम त्राहिमाम कर तड़पती रहेगी नेता इनकी दुखों इनकी तकलीफों इनकी लाशों पर अपनी राजनितिक रोटियां सेंकते रहेंगे ...... 





Friday, 21 June 2019

चेहरा और पहचान छुपाकर नकली भेष में चलने वालों से देश को खतरा।

होशियार सुरक्षा विभाग, चेहरा छुपाकर या नकली भेष में चलने वालों से ? 
Dr. Bharat  > F.I.B.  - Media Intelligence Service 
 चेहरा छुपाकर या नकली भेष में अनेकों अपराध हो रहे हैं , लेकिन देश विरोधी काम करने वाले आतंकवादी वारदात कर बड़ी तबाही मचा सकते हैं। 
 लुधियाना ( सुभाष कुमार भारद्वाज FIB)  आज यह एक सच्चाई बन चुकी है की आपराधिक किस्म के लोग अपना चेहरा ढक कर या रुमाल वगैरह बांधकर  लूटपाट या अन्य आपराधिक काम को अंजाम देते हैं और दे रहे हैं। जिससे अपराधियों को पुलिस पकड़ने में नाकाम रहती है। 
      लेकिन जो सूचनाएं मिली हैं वह यह की देश विरोधी काम करने वाले आतंकवादी  देश में कोई बड़ी वारदात कर अपने काम को अंजाम दे सकते हैं जो भयानक हो सकते हैं। सभी बातों पर गौर करने के बाद F.I.B, ने भारत सरकार को एलर्ट करते हुए जरुरी कदम उठाने की अपील की है।  इस सम्बन्ध में संगठन ने देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंदर मोदी एंव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय आदित्यनाथ योगी को विशेष पत्र भेजते हुए नकली भेष वालों और अपना चेहरा छिपाकर चलने वालों की कड़ाई से जाँच कर बनती करवाई करें ताकि किसी भी होने वाली बड़ी घटना को समय रहते रोका जा सके। 
    

Tuesday, 4 June 2019

होम गार्ड के समस्याओं के सन्दर्भ में मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा सकारात्मक करवाई का निर्देश l

F.I.B. फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो द्वारा भेजी रिपोर्ट पर सरकार द्वारा करवाई शुरू। 
F.I.B. Media Information and Social service
अपनी जायज मांग और हक़ प्राप्ति के लिए लगभग पिछले एक साल से धरना दे रहे पंजाब होमगार्ड एसोसिएशन रि. के अधिकारयों द्वारा राष्ट्र हित में कार्य कर रहे क्रन्तिकारी खुफ़िआ संगठन F.I.B. फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो से सहयोग सहायता की अपील की। सारी  समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक अध्यन करने के बाद F.I.B. ने देश के सर्वोच्च महा माहिम राष्ट्रपति ,माननीय प्रधानमंत्री , पंजाब के मुख्यमंत्री , पुलिस महा निदेशक , मानव अधिकार आयोग सहित अन्य अधिकारीयों को विशेष पत्र भेजते हुए समस्याओं के निदान एंव जरुरी बातो की तरफ ध्यान देने एंव उचित निर्णय लेकर त्वरित करवाई की मांग की।  
      भेजे गए पत्र पर केंद्र सरकार की तरफ से पत्र पर विचार शुरू हुआ ,इस बीच पंजाब मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा F.I.B. के चेयरमैन डायरेक्टर डाँक्टर भारत को  पत्र भेजते हुए सुचना दी की आपके द्वारा भेजे गए समस्या समाधान के लिए  सरकार के गृह विभाग एंव न्याय विभाग को उचित करवाई के लिए लिख दिया गया है, जिससे यह जाहिर होता है की होमगार्ड के जवानो की मांग और हक़ पर कुछ न कुछ निर्णय जरूर लिया जायेगा।     

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Friday, 17 May 2019

सेना की शिकायत पर सरकार तुरंत ध्यान दे वार्ना भयंकर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

 सेना को घटिया अमुनीशन के लिए कौन जिम्मेदार , प्रधानमंत्री , गृहमंत्री , रक्षामंत्री , या तीनो ?या और कोई ?
Dr. Bharat :> F.I.B. Intelligence Media Service 
किसी भी देश की प्रभुसत्ता , नागरिक और सम्पूर्ण देश तभी तक सुरक्षित रह सकता है जबतक देश की सेना अपने साजोसमान हथियार , अमुनीशन  गोलाबारूद से सुसज्जित हो।  लेकिन  सेना में पिछले पांच सालों में घटिया गोला बारूदों की सप्लाई और इन घटिया गोला बारूदों की सप्लाई से कितनी ही दुर्घटना हुई और कितने ही सैनकों को जान से हाथ धोना पड़ा जिसकी शिकायत सेना ने लिखित रूप में सरकार को किया लेकिन सरकार की उदाशीनता ? क्या कहती है।  गहराई में विचार करने से यही शंका जाहिर होती है कि कहीं यह एक भयानक खड्यंत्र तो नहीं ? > ?  
    लुधियाना (डॉ.भारत : दिल्ली टाइम्स न्यूज़ सर्विस DTN.)  अभी  15 मई को ही समाचार पत्रों  पंजाब केसरी के मुख्य पहले पृष्ट पर खबर प्रकाशित को पढ़ने देखने में मिला की  {  हमें मिल रहा घटिया गोला बारूद , जवानों को खतरा , सेना की सरकार को चिट्ठी "} पत्र में सेना ने पिछले पांच सालो में हुयी सेना में दुर्घटनाओं और इसमें घायल या मारे गए सेना के जवानों और जाँच में घटिया गोला बारूद को जिम्मेदार बताया है। 
     जब की कई परीक्षणों के बाद ही एमुनिशन हथियार गोला बारूदों को सेना के लिए सप्लाई की जाती है।  जब कि यह गोला बारूद किसी दूसरे देश से  या किसी प्राइवेट फक्ट्री या कम्पनी से नहीं  बल्कि भारत सरकार द्वारा संचालित सरकारी आर्डिनेंस फक्ट्री बोर्ड की तरफ से मुहैया कराए गए। सरकार को इसकी अविलम्ब जाँच करवाना ही हकीकत को सामने लाना और दोषियों को सख्त सजा दे। अगर  सेना की शिकायत पर सरकार तुरंत ध्यान नहीं  देती है तो  भविष्य में  भयंकर  परिणाम   भुगतना पड़ सकता है। 
 नीचे  समाचार पत्र में प्रकाशित हुई खबर की कटिंग। 

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Thursday, 9 May 2019

अब वक्त आगया है की करदाता अपना संगठन बनायें।

टैक्स जरुरी है पर धक्के शाही हिटलर शाही नहीं । 
Onkar Singh puri : FIB = First Investigation Bureau Media Service
सरकार को टैक्स  कर देना जरुरी है क्यों की पुरे देश द्वारा दिए गए टैक्स कर से देश की जरुरी कार्य करने में आसानी होती है और कर दाताओं का यह सहयोग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  पर अगर सरकार हद से ज्यादा अपना दबाव छोटे कारोबारियों पर डालती हो या हिटलरशाही करती हो तो उसका विरोध करने और जायज बात मनवाने के लिए जरुरी है की छोटे ब्यापारियों को पुरे देश में अपना संगठन बना लेना चाइये।  
अब वक्त आगया है की करदाता अपना संगठन बनायें। *वक़्त आ गया है जब, करदाताओं का संगठन बनाया जाये*

*जो विश्व का सबसे बड़ा संगठन होगा*

देश में अब एक Tax Payers Union का गठन होना चाहिए। चाहे कोई भी सरकार हो बिना उस यूनियन की स्वीकृति के न तो मुफ्त बॉटने, की या कर्ज़ माफ़ी की कोई कुछ घोषणा कर सकती है, न ही ऐसा कुछ लागू कर सकती है। 
पैसा हमारे टैक्स का है तो हमें अधिकार भी होना चाहिए कि उसका इस्तेमाल कैसे हो ।

पार्टियां तो वोट के लिए कुछ भी लालच देती रहेंगी, 
कौनसा उनकी जेब का जा रहा है। 
चाहे कोई भी स्कीम बने उसका ब्लूप्रिंट दो, हमसे सहमति लो,और यह उनके वेतन एवं अन्य सुविधाओं पर भी लागू होना चाहिए। 


लोकतंत्र क्या बस वोट देने तक सीमित है, 
उसके बाद क्या अधिकार है हमें?? 

*Right to Recall Any Such Freebies " भी शीघ्र लागू होना चाहिए।*