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Tuesday, 9 May 2017

वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों की समीक्षा बैठक

08-मई-2017 18:00 IST
केंद्रीय गृह मंत्री ने विकास के मुद्दों पर भी संबोधित किया 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज यहां वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। आज दोपहर के सत्र के दौरान विकास के मुद्दों पर दिए गए उनके भाषण का मूल पाठ इस प्रकार है:


भोजनावकाश के पश्चात के इस सत्र में मैं सर्वप्रथम इस बैठक में सम्मिलित हो रहे केंद्रीय मंत्रियों का स्वागत करना चाहता हूँ। इस महत्त्वपूर्ण बैठक के प्रथम सत्र में हमने इन areas में विभिन्न security issues के विषय में विस्तार से चर्चा की। हमने एक नई Doctrine, "समाधान" पर विस्तार से विचार विमर्श किया, जिसके निम्न आठ pillars हैं:


1.      S- Smart Leadership


2.      A- Aggressive Strategy


3.      M- Motivation and Training


4.      A- Actionable Intelligence


5.      D- Dashboard Based KPIs (Key Performance  Indicators)


6.      H- Harnessing Technology


7.      A- Action plan for each Theatre


8.      N- No access to Financing


2.       आप सभी सहमत होंगे कि सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के अलावा affected areas में सामाजिक- आर्थिक विकास तथा नागरिकों का सशक्तीकरण भी आवश्यक है ताकि जन-समर्थन सरकार के साथ रहे। सुरक्षा और विकास की समन्वित रणनीति पर चलना सभी राज्यों के लिए आवश्यक है ताकि LWE affected areas की जनता का विश्वास प्रजातांत्रिक व्‍यवस्‍था के प्रति बना रहे।


3.       हमारी सरकार ने इस दृष्टिकोण से ऐसे अनेक प्रयास किए हैं, जिससे आदिवासी बहुल तथा LWE affected areas में सरकार के प्रति विश्वास जागा है और लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।


4.       केन्द्र सरकार ने वर्ष-2014 में LWE से प्रभावित 10 राज्यों में 3567.58 करोड़ रुपये की लागत से 2199 मोबाइल टावर स्थापित करने की योजना को स्वीकृति दी है। इसमें से 2187 मोबाइल टॉवर operation में आ गए हैं। यह अच्छी उपलब्धि है।


5.       केन्द्र सरकार के द्वारा 8 प्रदेशों के LWE प्रभावित 34 जिलों में सड़क व्यवस्था को सुधारने के लिए Road Requirement Plan (RRP) implement किया जा रहा है। इस योजना में स्वीकृत 5422 किमी में से 4290 किमी सड़कों का निर्माण हो चुका है।


6.       अभी हाल में केन्द्र सरकार द्वारा Road Connectivity Project for LWE Affected Areas Scheme को स्वीकृति दी गई है। इसमें LWE प्रभावित 9 राज्यों के 44 जिलों में 11725 करोड़ रुपये की लागत से 5412 किमी सड़क एवं 126 पुलों का निर्माण किया जाना है।


7.       Financial Inclusion की दिशा में विशेष प्रयास कर पिछले दो वित्तीय वर्षों में 35 LWE most affected districts में 358 बैंक शाखाएं तथा 752 ATM खोले गए हैं। इन्हीं जिलों में 1789 नए डाकघर खोलने की अनुमति दी गई है।


8.       LWE Districts के युवाओं को स्वरोजगार हेतु PMKVY के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाना है। वर्तमान में इस योजना में 35 Most LWE affected Districts में से 32 districts covered हैं।


9.       9 राज्यों के LWE प्रभावित जिलों के युवाओं में Skill development हेतु कौशल विकास केन्द्रो की स्थापना के उद्देश्य से Skill Development Scheme का कार्यान्वयन किया जा रहा है। अब इस योजना को 34 से बढाकर 47 LWE प्रभावित जिलों में Implement किया जा रहा है। अब इस योजना में कुल 47 ITIs तथा 64 Skill Development Centre बनाए जाने हैं। इनमें से 12 ITIs एवं 34 Skill Development Centres का निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है।


10.     दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) के अन्तर्गत Un-electrified गॉवों का Electrification किया जाना है। LWE Districts में स्थित गॉवों के समुचित विकास हेतु इनके Electrification पर Special focus रखते हुए 31 मार्च 2015 से अब तक कुल 5778 गॉवों का Electrification किया जा चुका है तथा बाकी 1461 गॉवों के Electrification के लिए दिसम्बर-2017 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


11.     LWE affected districts में शिक्षा हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत 5 Districts जिनमें अब तक कोई जवाहर नवोदय विद्यालय नहीं है, में नए जवाहर नवोदय विद्यालय खोले जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 11 LWE most affected districts में जहाँ अभी कोई केन्द्रीय विद्यालय नहीं है, में केन्द्रीय विद्यालय खोलने की योजना है जिसमें से 08 जिलों के प्रस्ताव स्वीकृत कर दिए गए हैं तथा विद्यालय खोलने का कार्य प्रारंभ हो चुका है।


12.     राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 35 LWE most affected जिलों के 354 Educationally Backward Blocks में 348 छात्रावासों को बनाने की मंजूरी दी गई है, जिसमें से 100 छात्रावास बन चुके हैं तथा 82 छात्रावासों का कार्य प्रगति पर है। अब तक 94 छात्रावास चालू भी कर दिए गए हैं।


13.     LWE affected areas में Rail connectivity को बढ़ाने के लिए केन्द्र ने कई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, उनमें से कई परियोजनाओं की प्रगति सराहनीय है। किन्तु land acquisition न होने के कारण कई परियोजनाए रूकी हुई हैं। मैं चाहूंगा कि इनकी land acquisition संबंधित समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जाए ताकि project शीघ्र पूर्ण हो सके।


14.     मैं राज्‍य सरकारों को यह भी सुझाव देना चाहूँगा कि केन्‍द्र की योजनाओं के साथ-साथ राज्‍य सरकारें अपनी योजनाओं के माध्‍यम से इन्‍हें  complement करें, Top-up करें। इससे LWE प्रभावित क्षेत्रों का समेकित विकास हो सकेगा और माननीय प्रधानमंत्री जी का ''सबका साथ, सबका विकास'' का सपना साकार हो सकेगा।
           जय हिन्‍द!
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Sunday, 30 April 2017

आतंकवाद महामारी का रूप ले चुका है : उपराष्‍ट्रपति

29-अप्रैल-2017 19:20 IST
दो देशों के दौरे से लौटते समय विशेष विमान में मीडिया को संबोधन 
नई दिल्ली: 29 अप्रैल 2017: (पीआईबी)::
उपराष्‍ट्रपति श्री एम.हामिद अंसारी ने कहा कि आतंकवाद महामारी का रूप ले चुका है और प्रत्‍येक समाज को प्रभावित कर रहा है। वे पांच दिन की आर्मिनिया और पोलैंड यात्रा से लौटते समय एयर इंडिया-वन विशेष विमान में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सूक्ष्‍म, लघु और मझोले उद्यम राज्‍य मंत्री श्री गिरिराज सिंह व अन्‍य विशिष्‍ट व्‍यक्ति भी मौजूद थे। 

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि आर्मिनिया और पोलैंड दोनों ही मित्र देश हैं और हम आपसी सहयोग में नये सिरे से दिलचस्‍पी उत्‍पन्‍न करने में सक्षम रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि आर्मिनिया हालांकि छोटा सा देश है, लेकिन वह परंपरागत रूप से हमारा अभिन्‍न मित्र रहा है।

पोलैंड का हवाला देते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि वह मध्‍य यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है और हम उसके साथ व्‍यापार बढ़ा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि पोलैंड में भारतीय निवेश और भारत में पोलैंड की ओर से निवेश किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि पोलैंड के राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के साथ बातचीत के दौरान हमने कुछ विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान की है,  जहां दोनों देशों के बीच सहयोग या तो शुरू हो रहा है या फिर बहुत जल्‍द शुरू हो सकता है।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि उन्‍होंने पोलैंड के नेताओं को सुझाव दिया है कि वे ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के साथ जुड़ें और केवल विक्रेता बनने के स्‍थान पर भारत आधारित विक्रेता बने, जिससे उन्‍हें अतिरिक्‍त लाभ मिलेंगे। उन्‍होंने कहा कि पोलैंड ने इस सुझाव पर सकारात्‍मक प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। उन्‍होंने कहा कि विचार-विमर्श बहुत ही केंद्रित और सकारात्‍मक रहा और इसके निष्‍कर्ष भी संतोषजनक रहे।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि पोलैंड ने एशिया के कुछ बाजारों की पहचान प्राथमिकता वाले बाजारों के रूप में की है और भारत उन्‍हीं में से एक है। उन्‍होंने कहा कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की पहल किए जाने की अपेक्षा है।

आर्मिनियाई नवाचार के साथ संभावनाओं का पता लगाने और परस्‍पर लाभ के लिए भारतीय प्रयासों के बारे में पूछे गए एक प्रश्‍न के उत्‍तर में उन्‍होंने कहा कि आर्मिनियाई नवाचार अच्‍छा है और भारत के प्रयास सही दिशा में है।
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