Monday, 17 December 2018

हमारे देश में ऐसे ही जांबाज पुलिस अधिकारीयों की जरुरत है।

 मौजूदा समय देश के हर जिले में ऐसे पुलिस अफसर होने चाहिए।
  Dr.Bharat :-F.I.B. First Inestigation Bureau ( Media Serice )
कर्म के पुजारियों की कमी नहीं है देश में, लेकिन भ्रष्ट और सड़ीगली राजनीति ने देश का बेड़ागर्क करके रख दिया है , ईमानदार कर्मचारियों अधिकारीयों को तरह तरह से हराशमेंट उत्पीड़न किया जाता है। लेकिन देश में देश के कर्म के पुजारियों , देश भक्तों की भी कमी नहीं है ,ऐसे लोग अपने कर्म फ़र्ज़ के आगे पहाड़ के सीने पर अपना पंचम लहरा देते हैं।   

           मीडिया न्यूज़ एजेंसी :   New Delhi : कर्नाटक की तेजतर्रार आइपीएस अफसरों में शुमार हैं डी रूपा (IPS D Roopa)। फील्ड ही नहीं सोशल मीडिया पर भी सक्रियता के लिए जानी जातीं हैं। जरूरी सम-सामयिक मुद्दों पर ट्वीट और पोस्ट लिखतीं रहतीं हैं। इस वक्त कर्नाटक पुलिस में इंस्पेक्टर जनरल यानी आइजी हैं। फिलहाल सूबे में उनके हवाले होम गार्ड्स और सिविल डिफेंस की कमान है।
      इसके पहले वह डीआइजी(जेल) के पद पर थीं। तब वह सुर्खियों में रहीं थीं, जब जयललिता की करीबी और भ्रष्टाचार में कर्नाटक की जेल में बंद तमिलनाडु की एआईएडीएमके नेता शशिकला को अंदर मिलने वाली वीआइपी सुविधाओं का भंडाफोड़ किया था। आज, यहां चर्चा दूसरी वजह से है। डी रूपा(D Roopa) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक पोल कराया। इस पोल के जरिए उन्होंने पुलिस के बारे में आम जन की राय भांपने की कोशिश की। डी रूपा ने ट्वीट कर पूछा- आपमें से कितने लोग वास्तव में अब तक पुलिस के संपर्क में आए हैं और पुलिस के बारे में आपका ख्याल कैसा रहा? इसमें चार विकल्प दिए गए थे। सकारात्मक, नकारात्मक और संपर्क में कभी नहीं आए(नकारात्मक) और संपर्क में कभी नहीं( सकारात्मक)  
      डी रूपा के पोल पर 11544 लोगों ने जवाब दिए। खास बात रही कि आधे से ज्यादा यानी 51 प्रतिशत लोगों ने आईपीएस ने निगेटिव विकल्प पर वोट दिया। यानी पुलिस को लेकर उनका बुरा अनुभव रहा। इसी तरह महज 28 प्रतिशत ने पुलिस से अपने संपर्क को सकारात्मक माना वहीं 12 प्रतिशत ने बताया कि उन्होंने पुलिस से कभी संपर्क नहीं किया मगर नकारात्मक धारणा है, जबकि नौ प्रतिशत ने वोट कर बताया कि वे कभी संपर्क में नहीं आए मगर धारणा पॉजिटिव(सकारात्मक) है। पोल में भाग लेने के अलावा भी तमाम लोगों ने डी रुपा के इस ट्वीट पर जवाब दिए। बताया कि अब भी पुलिस को लेकर जनता में धारणा अच्छी नहीं है। हालांकि कुछ लोगों ने अपने अच्छे अनुभव भी सुनाए। इस ऑफीसर के सामने या नाम से बड़े बड़े धुरंदर राजनीतिक नेताओ , माफिया ,गुंडे बदमाशों के पसीने छूट जाते हैं। 
      उमा भारती को जब गिरफ्तार करने निकलीं थीं  :डी रूपा ही वह आईपीएस हैं, जो 2004 में एक वारंट को तामील कराने के लिए कर्नाटक से उमा भारती को गिरफ्तार करने एमपी के लिए निकल पड़ीं थी, वो भी जब उमा भारती मुख्यमंत्री थीं। हालांकि डी रूपा के पहुंचते से पहले तक उमा भारती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दियाथा।। तब डी रूपा कर्नाटक के धारवाड़ जिले की पुलिस अधीक्षक(एसपी) थीं। दरअसल, जब 2003 के चुनाव में उमा भारती मुख्यमंत्री बनीं तो उनके खिलाफ दस साल पुराने मामले में गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। यह मामला कर्नाटक के हुबली से जुडा था। जहां 15 अगस्त 1994 को ईदगाह पर तिरंगा फहराने के मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था। आरोप था कि उनकी इस पहल से सांप्रदायिक सौहार्द खतरे में पड़ा। वारंट जारी होने पर उमा भारती को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। बाद में कोर्ट में उमा भारती को पेश होना पड़ा।
     फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो(F.I.B.)  देश के जाबांज पुलिस सुरक्षा से जुड़े सभी अधिकारीयों से अपील करते हुए आग्रह करती है की अब समय आगया है की राष्ट्र हित में अपने कर्म के प्रति गंभीर हो कर कार्य करें , क्योंकि सम्पूर्ण देश की एकता अखण्डता के लिए अग्रसर होना समय की मांग है।   यह भी एक सत्य है की भारत देश कभी भी वीर पुरुषों देशभक्तों से खाली नहीं रहा है , कहावत प्रसिद्ध है  की...... लगी आग आकाश में जलजल के गिरा अंगार , भक्त न होते जगत में तो जल जाता संसार। साथ ही ( F.I.B.) देश के नागरिकों और  अपने सभी सदस्यों से अपील करती है की वे पूर्ण रूप से सक्रीय होकर अपराधों की रोकथाम और भ्रष्ट लोगों को कानून के हवाले करने में पुलिस सुरक्षा बलों का सहयोग करें।   

Wednesday, 12 December 2018

SURYA ICBM MISSILE क्या आप जानते है सच्चाई..? शक्तिशाली नम्बर एक

    पुरे विश्व में  भारत वर्ष देवभूमि और महा  शक्तिशाली  देश रहा  है। 
 Dr. Bharat :- F.I.B. ( First Inestigation Bureau )

             यह एक हकीकत है की विश्व में वही देश सम्पूर्ण विश्व पर  राज और संचालन कर सकता हैं जो  धर्म कर्म और ज्ञान विज्ञान में आगे है ।यह भी सौ प्रतिशत सत्य है की अगर हमारे देश के राजनीतिक के जिम्मेदार नेतागण देश के प्रति समर्पित हो जाएँ तो सम्पूर्ण  विश्व को अपने मनमुताबिक चलने चलाने पर विवश कर मानवता का नया इतिहास लिख सकते हैं। 
      आजकी जिस तरह से सियासत का माहौल बना हुआ है उससे यही जाहिर हो रहा है की  हमारे देश की सिआसत  राजनीत इतनी सड़ीगली बदबूदार हो गई कोई भी देश भक्त राजनीत में जाना नहीं चाहेगा।  क्योंकि मौजूदा समय में राजनीत झूठ धोखा  दगेबाज़ छल कपट स्वार्थी नेताओं का गढ़  हो चुकी है। 
       दूसरी तरफ देश में प्रतिभा वानों की, कर्म के पुजारियों की, और कुछ प्रतिशत ईमानदारों की भी कमी नहीं है। अभी भी देश भक्त और ईमादार अधिकारी कर्मचारी है जिनकी बदौलत हमारा देश आगे बढ़ रहा है।
वैज्ञानिकी क्षेत्र में कई मायने में हमारा देश विश्व के बड़े देशों की बराबरी ही नहीं बल्कि कई क्षेत्रों में हमारा देश विश्व के अन्य देशों से आगे निकल चूका है। 
      विशेष तौर पर हम देश की रक्षा सुरक्षा के सन्दर्भ में बात कर रहे है , चाहे जलसेना से सम्बंधित INS विक्रमादित्य , विशाखापत्तनम एयरक्राफ्ट या INS चक्र सबमैरीन या अन्य हो।   या  वायुसेना से सम्बंधित फटगोनं एवाक्स , तेजस + हो या सुखोई 30 MKI ,।  स्थलसेना से सम्बंधित आर्टलरी कुछ टैंकों के एलावा  भीष्म टैंक, अर्जुन टैंक  इत्यादि  हो।  या  पिनाका मिसाइल , नाग मिसाइल , पृथ्वी मिसाइल , निर्भया मिसाइल , ब्रह्मोस मिसाइल , अग्नि मिसाइल या  अत्याधुनिक  काली + टू + , और  सूर्या मिसाइल वगैरह वगैरह। 
      इस छोटी सी जानकारी लिखने का उद्देश्य  मतलब यह है की  की देशवासी आराम से बेख़ौफ़ रहकर अपने परिवार अपने समाज अपने देश के प्रगति के लिए अपना कार्य करते रहे देश के जिम्मेदार देश के वैज्ञानिक देश के सुरक्षाबल अपना फर्ज पूरा कर रहे हैं।  फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो  F.I.B. परिवार देश के वैज्ञानिको और सुरक्षा से जुड़े सभी महानुभाओं को नमन करती है। 
     

Wednesday, 5 December 2018

..भारत सरकार को अब राष्ट्र हित में कदम उठाना जरुरी .

सामरिक स्तर पर भारत विश्व भर में मजबूत , पर आंतरिक सुरक्षा   पर सरकार को अविलम्ब ध्यान देना जरुरी  ।  
Dr. Bharat > F.I.B. ( First Inestigation Bureau )    

        लुधियाना : इसमें कोई दो राय नहीं की दिनों पर दिन हमारा देश वैज्ञानिकी और सामरिक ( मिलिटरी = जलसेना , वायुसेना , स्थलसेना और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर ही क्या विश्व में अग्रणीय  होता जा रहा है यह देश और देश वासियों  के लिए गर्व की बात है जैसा की कुछ  वे नागरिक जो नहीं जानते हैं  वे प्रामाणिक तौर पर इस  विडिओ में देख सकते और समझ सकते है  है ।  
     परन्तु देश के अंदर ही अंदर जातिवाद, क्षेत्रवाद , सम्प्रदायवाद के  गंदी सड़ीगली राजनीति के षड्यंत्र के बारूदी ढेर पर खतरे के निशान को पार करता जा रहा है जिसे अनदेखा करना  देश को और देशवासियों को  घातक परिणाम भुकतना पड़ेगा , जिसके लिए सरकार को रजनीतिक छोड़कर सार्थक कदम उठाना अति आवश्यक हो गया है , क्योंकि की भारत विरोधी देशी विदेशी शक्तियां अपने मकड़जाल फैलाकर देश के कट्टरपंथी  धर्मांध और बेरोजगार युवकों को अपने गंदे मिशन  के लिए अपने कब्जे में करती जा रही हैं।   
      विगत कुछ  दिनों से छोटी जाति , बड़ी जाति  का अलाप व् आंदोलन  ,  अयोध्या में रामजन्म भूमि  में मंदिर बनाने के नाम पर लाखों हिंदुओं का एकत्रित होना और मंदिर बनाने की मांग करना  , उसके बाद उत्तर प्रदेश व  के पश्चिमी क्षेत्रों बुलंदशहर आसपास  क्षेत्र में जमात का गुप्त कार्य की सुचना का आदान प्रदान करना अनगिनत  की संख्या में एकत्रित होना और धर्म--जेहाद के नामपर उकसाने वाले भाषण देना और अपनी ताकत के बल पर देश के प्रधान मंत्री तक को अपशब्द कहना और गौकशी के नामपर दंगेफसाद कर खून खराबा करना, भड़काने वाले विडिओ वायरल करना यह देश को साम्प्रदाइक आग में झोंकने का षड्यंत्र  नहीं तो क्या है ? , इतनी वक्त  उत्तर प्रदेश एक ज्वाला प्रतीत हो रही है। धर्म मजहब के नामपर अपनी ताकत दिखने के लिए जमात ए उलेमा का  पस्छिमी बेंगाल कोलकता में भी अपनी एकता ताकत दिखाना। यही सब देश विरोधी शक्तियां चाहती हैं की जितना ज्यादा उथल पुथल दंगेफसाद होंगे उतना ज्यादा देश कमजोर होगा और इसी देश के इसी मिटटी के लोग एक दूसरे के खून के प्यासे होकर आपस में लड़ मरेंगे और फिरका परस्त और देश के दुश्मनो की चाल उनका का मिशन कामयाब होगा । 
         फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो F.I.B. भारत सरकार के  माननीय  प्रधामंत्री , और देश के जिम्मेदार अधिकारीयों  राजनीतिक नेताओं से  देश के आंतरिक सुरक्षा की तरफ विशेष और अविलम्ब ध्यान देकर सुरक्षा मजबूत कर उचित एंव आवश्यक कदम उठाने की मांग की , और यह  जरुरी हो गया है की राजनीति से ऊपर उठकर सभी राजनीतिक दल एक जुट एक राय होकर देश को सभालें । साथ ही फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो सभी देश वासियों से अपील करती है की आपसब किसी अफवाह पर न तो ध्यान दे  और न ही कोई ऐसा कार्य करे जिससे देश का या किसी व्यक्ति का कोई नुक्सान हो क्यों की यह देश आपका है और इस देश के सभी जाती धर्म के लोग सब एक हैं इस लिए प्रेम भाई चारे के साथ रहते हुए आपसब  खुद कानून का पालन करे और दूसरों से भी कानून का पालन कराएं  ।
           जय हिन्द 










                  डाक्टर  भारत       

Wednesday, 21 November 2018

आतंकवाद की politics ट्रेलर ? वास्तविक आतंकवाद का बढ़ावा है ? ,


होशियार अमृतसर बम्ब विस्फोट, आनेवाले दिनों का खतरनाक संकेत। 
Dr. Bharat F.I.B. first inestigation bureau     

        अमृतसर  में  निरंकारी  डेरे में हुए  बम हमला  दुखदाई है  इसे  हम जो भी नाम दें  लेकिन  यह कांड देश विरोधी   कार्य करने वालों को  जागृत कर दिया है जो की  आनेवाला समय  देश समाज के लिए  हितकर नहीं है ? यह  कांड   आतंकवादी हमला   एक ट्रेलर की तरफ इशारा कर रहा है    राजनितिक पार्टियां  अपना उल्लू सीधा करने के लिए ऊलजलूल बयां देकर अपना  फायदा देख रही हैं , धार्मिक संगठन कुछ कह रहे हैं, सामाजिक कुछ कह रहे हैं , मीडिया संगठन  अपने अपने  राग विचार  प्रकट कर रहे हैं ,  यह हमला  भले ही राजनैतिक ,धार्मिक , डेरे की अपनी प्रतिस्पर्धा , या वास्तविक  देश के प्रति एक षड्यंत्र  आतंकवाद  का ट्रेलर हो  लेकिन  आनेवाले समय में इसका परिणाम  भयानक  हो सकता है।       
उत्तर पूर्व में  " उल्फा ' झारखंड , छत्तीसगढ़ ,मध्य प्रदेश ,  महाराष्ट्र , आंध्र प्रदेश  कुछ अन्य  जगह पर  नक्सलाद  , यह घरेलु आतंकवाद है , जिसे अमीर गरीब किसान कामगारों , पूंजीपति तथाकथित ठीकेदार  राजनीतिक जाति धर्म के ठीकेदार जैसे जैसों द्वारा उठाया भड़काया जाता है और खामियाजा भुक्तभोगी जनता और पुलिस प्रशासन को भुगतना पड़ता है , पुरे देश  ऐसे ही हाल पंजाब का है  जो पकिस्तान की सीमा से सटा होने से और नशीली वस्तुवों की तस्करी से जिसका असर देश की प्रगति पर पड़ता है कुछ फिरका प्रस्त लोग धार्मिक भावनाएं भड़काकर शक्तिशाली राज्य पंजाब का बेड़ागर्क करना चाहते हैं   ।   >  >( उत्तर प्रदेश , दिल्ली , पंजाब और जम्मू काश्मीर   जैसे ) पकिस्तान की  इंटर सर्विस इंटेलिजेंस द्वारा संचालित  जैश ए  मोहम्मद  , अलकायदा ,हिजबुल अंसार गजबल इन हिन्द , लश्कर ए  तोयबा , हरकत उल जमायते इस्लाम , इंडियन मुजाहिद्दीन , जैसे अन्य जुटें हैं ?  लेकिन खतरनाक  यह हैं जो छद्म नाम से सक्रीय हो रहे हैं , ? ? .......     लेकिन सबसे खतरनाक वो हैं जो   देश के अंदर मौजूद तहतकथित सड़ीगली राजनीत जो खुद अपने आपको देश भक्ति का चोला पहनकर भितरघात आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे है  सफ़ेद लिबास में छिपे आस्तीन के विषधर , काले  भेड़िये  ही सबसे खतरनाक है , जबतक इनको नंगा करके सार्वजानिक नहीं किया जाता तबतक  काश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक आसाम से लेकर पोरबंदर बम्बई गुजरात तक  हमारे देश से आतंकवाद ख़त्म नहीं हो सकता । 
 रह गई बात पकिस्तान की तो जो जो भी हमारे देश की राजनीतिक पार्टियां  पाकिस्तान से दोस्ती  बातचीत से  माहौल ठीक चाहती हैं  यह सब बेकार की बाते हैं,क्योंकि  यह जग जाहिर है की पाकिस्तान में तीन तीन चार चार सरकारें चलती है ? पहली सरकार , फौजी हकूमत की है , दूसरी  आतंकवाद की मां  इंटर सर्विस इंटेलिजेंस , तीसरी  राजनीतिक पार्टी जिसे जनता चुनती है  , और  चौथी हकूमत कट्टर पंथी  गुट मुल्लाओं की है जो अपनी शैतानी हकूमत शैतानी खुरापात पर आमदा रहती हैं  , इस लिए आज़तक सत्तर सालों में किसी भी सरकार की कोई भी बात सिरे नहीं चढ़ी और हिन्दुस्तान के साथ साथ पकिस्तान की जनता आवाम भी दुखी है अपने देश के इन चौकड़ियों से ।  
 पहले भी लिखा जा चूका है जिसको समझना जरुरी है वैसे  आज के मौजूदा समय में तथाकथित राजनितिक द्वारा अपने स्वार्थ हेतु किये जा रहे षड्यंत्रो से जातिवाद ,सम्प्रदायवाद , क्षेत्रवाद , राजनीतवाद , धर्मवाद , जैसे आंदोलन कार्यों  से देश की एकता जर्जर होती जा रही हैं इस लिए देश वासियों को सर्व प्रथम  देश की एकता अखंडता के लिए कोशिश करनी चाहिए और इस बात पर ध्यान देकर याद रखना  कि  देश सलामत है तो आप ,आपका घर परिवार ,आपका धर्म सुरक्षित रह सकता है। इस लिए यह हर नागरिक का फ़र्ज़ और धर्म है की देश की एकता अखंडता के लिए हमेसा तत्पर रहे क्यों कि एक जागरूक नागरिक ही देश समाज को संगठित खुशहाल रखने में अपनी भूमिका निभा सकता है।  जय हिन्द 
















            डॉ. भारत 

Wednesday, 31 October 2018

देश के स्वास्थय विभाग की जानकारी में बिक रहे हैं जहरीले और नकली दूध।

नकली और  जहरीले दूध से तबाह होती जिंदगियाँ।
 Dr. Bharat : First Inestigation Bureau ( F.I.B.)  Intelligence Media Service
11 नवम्बर को दुबारा प्रसारित 
यह हमारे देश के लिए बहुत ही दुःख और दुर्भाग्य की बात है की सरकार की जानकारी में पुरे देश में जहर के रूप में  नकली मिलावटी  दूध , नकली पनीर , नकली दही, नकली देशी घी के नामपर पूरी जनरेशन को तबाह किया जा रहा है। सम्बंधित अधिकारी चंद पैसे की लालच में अपना ईमान धर्म  मानव तो क्या भगवान् को भी बेंच दे रहे है।  और उन सभी जिम्मेदार नेता , अभिनेता , मंत्री संत्री , अधिकारीयों को धिक्कार  लानत है जो यह सब जानते हुए भी आंख मूंद कर अनजान बने हुए हैं। 
लुधियान : फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो : > पुरे देश का आंकड़ा पाठक आप खुद  लगा सकते है की सच्चाई  हकीकत क्या है। सरकारी रिकॉर्ड कुछ भी कहे लेकिन  लुधियाना की आबादी 50 लाख के आसपास है।  प्रति ब्यक्ति खपत किलो दो किलो न करके 250 तीन सौ ( मिली लीटर ) ग्राम ही करे  तो 15 लाख लीटर के लगभग होता है।  दूसरी तरफ  पनीर  कोई चार सौ ग्राम  कोई तीन सौ   कोई दो सौ कोई सौ कोई पचास ग्राम पनीर का सेवन करता है , हम सबसे काम  सिर्फ 10 ग्राम प्रति ब्यक्ति लेते हैं  सौ ब्यक्ति के  एक किलो, चालीस पचास लाख लोगों का आप खुद आंकड़ा लगायें ?।  यही हिसाब दही का ले  कोई किलो कोई आधा किलो कोई एक पाव कोई सौ ग्राम  दही का सेवन करता है  लेकिन आप सिर्फ  50 ग्राम का औसत लें तो चालीस पचास लाख लोगों की खपत .... ? x ???..  यही अंदाजा आप देशी घी का ले सकते हैं पामआयल में केमिकल सेंट मिलाकर बेचे जा रहे नकली घी . ? पेवर शुद्ध घी  बहुत काम ही जगह मिलता होगा  बहुत कम  l

    अब आप हर मोहल्ले चौराहे , बाज़ारों में स्वीट्स मिठाइयों  हलवाइयों की हजारों हजार दुकानों पर  खोया निर्मित रसगुल्ले ,बरफी, कलाकंद , मिल्क केक , इत्यादि हजारों कुंतल  टनों के हिसाब से आप  खुद अंदाजा लगा सकतें है ? l इसी तरह तीस चालीस हजार के लगभग  चाय की दुकानों पर खपत होते दूध ? l
      अब सवाल यह है की क्या जितना दूध या दूध से तैयार होते दही खोया पनीर को वास्तव में सही दूध डेरी या दूध देने वाले सही दूध की सप्लाई करते हैं ,    क्या वास्तव में इतनी  गाय, भैंस , हैं  ? l ( दूसरी तरफ एक इंजेक्शन जिसका नाम पिटोसिन , पिच्युटरी , नाम से जाना जाता है जिसकी कीमत भी एक से दो रूपये होती है , जो प्रेग्नेन्ट औरतों को जब बच्चा होने में कठिनाई होती है तो डॉक्टर औरत को यह इंजेक्शन लगते हैं जिससे औरत के गर्भाशय का मुंह खुलकर चौड़ा हो जाता है और बच्चा आसानी से पैदा होजाता है। यही इंजेक्शन दूध वाले दूध देने वाली गाय भैस को लगाकर दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए लगते हैं।  यह दूध पीने से हार्ट और ब्रेन व् गुर्दे की तरह तरह की बीमारियाँ होती है)  
        यहाँ पर यह लिखना भी जरुरी है की 10  प्रतिशत जगह ही असली दूध मिलता होगा , बाकी  वही बात चरितार्थ होती है की सौ में से 99 निन्यानबे  बेईमान  फिर भी मेरा भारत महान । एक जिम्मेदार नागरिक के नाते हम यहाँ पर कुछ विडिओ  के रूप में प्रमाण दिखा रहे हैं जिससे आप खुद अंदाजा लगाकर सच्चाई जान सकते हैं।  
     
पंजाब केसरी ग्रुप के मुख्य संपादक माननीय विजय कुमार चोपड़ा जी ने आज दिनांक 11 नवम्बर 2018  को  अपने सम्पादकीय editerial में नकली  और मिलावटी दूध के सन्दर्भ में  कुछ विस्तार से लिखे हैं है की किस तरह से पुरे देश में  नकली दूध का ब्यापार चल रहा है जिसे हमने उनकी सम्पादकीय को निचे  एडिट कर रहे हैं । जबकि हमने फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो की तरफ से दो सप्ताह पहले नकली दूध के विषय में रिपोर्ट प्रकाशित की थी।   
नकली दूध व दुग्ध उत्पादों से लोगों को बीमार कर रहे मिलावटखोर व्यापारी

·                                 Edited By Yaspal,
·                                 Updated: 11 Nov, 2018 02:40 AM
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adulterant trader making sick people from fake milk and milk products
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एडोटोरियल डेस्कः आज देश में कई चीजों में मिलावट पाई जा रही है। यहां तक कि स्वास्थ्य के लिए आवश्यक दूध और दूध से बने अन्य उत्पाद भी मिलावट रहित नहीं हैं। मिलावटखोर मिलावटी वस्तुएं बेच कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

निम्न में दर्ज हैं नवम्बर मास के चंद उदाहरण:
·                                 नवम्बर को सहारनपुर में अधिकारियों ने घर में चल रही मावा फैक्टरी पकड़ी और सेहत के लिए हानिकारक 30 किलो मावा नष्टï करवा दिया। इसके अलावा भारी मात्रा में स्किम्ड मिल्क पाऊडर और 14 कनस्तर वनस्पति घी जब्त किया।
·                                 नवम्बर को फरीदकोट पुलिस ने दिल्ली और कोटकपूरा से 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार करके 190 ड्रम (38,000 लीटर) फैटी एसिड तथा 200 गट्टे (5000 किलो)‘माल्टोडेक्शन पाऊडर’ जब्त किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि इन्होंने 70 टन नकली घी बनाकर चालू त्यौहारिक सीजन के दौरान विभिन्न दुकानदारों को बेचा है।
·                                 नवम्बर को शिकोहाबाद में 200 बोरियों में बंद पानी के 20,000 पाऊच पकड़े गए जो स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थे।
·                                 नवम्बर को रायबरेली में बिना ब्रांड नाम के बेचने के लिए ले जाया जा रहा 30 क्विंटल मिलावटी गर्म मसाला जब्त किया गया।
·                                 नवम्बर को अधिकारियों ने अमृतसर व आसपास के गांवों में छापामारी करके स्किन फंगस को दूर करने में प्रयुक्त होने वाले स्किन पाऊडर, मिल्क पाऊडर व वनस्पति घी से निर्मित 4 क्विंटल नकली खोया बरामद किया।
·                                 नवम्बर को अधिकारियों ने इलाहाबाद के निकट हांडिया में  पोटाश, लिक्विड डिटर्जैंट, स्किम्ड मिल्क पाऊडर, हाईड्रोजन पैराक्साइड और अन्य रासायनिक पदार्थों से निर्मित 1200 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया।
·                                 नवम्बर को अबोहर में ‘तंदरुस्त मिशन’ के अंतर्गत छापेमारी के दौरान जब्त 126 टीन खोया, 3 क्विंटल मिल्क केक, 362 किलो पनीर, 480 किलो दही, 60 किलो खोया व 20 किलो घी सहित कुल 36 क्विंटल नकली खाद्य वस्तुएं सैम्पल फेल होने पर नष्ट कर दी गईं।
·                                 नवम्बर को बहराइच बस अड्डा पर छापेमारी में एक बस से 11 क्विंटल मिल्क केक, 15 क्विंटल सोन पापड़ी और एक क्विंटल पानी के पाऊच सहित कुल 33 क्विंटल मिलावटी मिठाई व अन्य खाद्य वस्तुएं पकड़ीं।
·                                 नवम्बर को अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के अम्बाह और मुरैना में हलवाइयों और डेयरी वालों पर छापा मार कर सिंथैटिक दूध से बनाया जा रहा 90 किलो नकली खोया, रिफाइंड तेल के 8 बंद व एक खुला टीन, 90 लीटर दूध और 30 किलो नकली घी जब्त किया।
·                                 नवम्बर को यमुनानगर में दुबरजीपुर के निकट एक मकान में चल रही नकली मिल्क केक बनाने वाली अवैध फैक्टरी पकड़ी गई। अधिकारियों ने 7 क्विंटल नकली मिल्क केक और नकली स्किम्ड दूध पाऊडर और नकली मिठाइयां बनाने में प्रयुक्त सामग्री नष्ट करवा कर फैक्टरी सील कर दी।
·                                 नवम्बर को मऊ में मिठाई के 2 गोदामों पर छापा मार कर ढाई क्विंवटल नकली पेड़ा और डेढ़ क्विटल मिलावटी बूंदी जब्त की गई।
·                                 नवम्बर को पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी में 40 किलो मिलावटी पनीर, 30 किलो खोया और 60 किलो दूध जब्त किया गया। इसी प्रकार कंकड़बाग में एक नकली मिठाई फैक्टरी पकड़ कर उसके मालिक द्वारा मिठाई बनाने और बेचने पर रोक लगा दी गई।
·                                 नवम्बर को मुक्तसर में एक व्यापारिक प्रतिष्ठान से नकली देसी घी के एक लीटर वाले 38 डिब्बे बरामद किए गए।

स्पष्ट है कि नकली दूध और दूध से बने उत्पाद लोगों को खिलाकर ये जहर के व्यापारी लोगों के स्वास्थ्य से किस कदर खिलवाड़ कर रहे हैं। मिलावटी दूध ज्यादातर कास्टिक सोडा, यूरिया, रिफाइंड आयल मिलाने से बनता है तथा बच्चे और बुजुर्ग इससे अधिक प्रभावित होते हैं। नकली दूध से पेट में ऐंठन, अपच, कब्ज, हैजा, त्वचा रोग, टायफाइड, पीलिया, अल्सर, डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं जबकि अधिक मात्रा में नकली खोए से बनी मिठाई खाने से लिवर को नुक्सान और कैंसर तक हो सकता है और पथरी के अलावा किडनियां भी फेल हो सकती हैं।

अत: दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करके लोगों को बीमार करने वाले मिलावटखोर व्यापारियों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए ताकि वे अपनी समाज विरोधी करतूतों से बाज आएं। —विजय कुमार  

Saturday, 27 October 2018

इस नदी में है रहस्यमय पाताल लोक का रास्ता // डिस्कवरी चैनल भी हारा भारत ...

पौराणिक कथाओं को विज्ञानिकी तौर पर देखने से सब सत्य होती हैं। 
Dr. Bharat :- (F.I.B.)First Inestigation Bureau, 
यह अलग बात है की कुछ तथाकथित मानवता विरोधी  मनुवादी शक्तियों ने भारतीय ऐतिहासिक ,पौराणिक , ग्रंथों को अपने स्वार्थ हेतु तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। जिससे ऐतिहासिक सत्यता पर सवाल उठना और संदेह पैदा करती हैं , अगर भारतीय धर्मग्रंथों , पौराणिक ऐतिहासिक ग्रंथों को वैज्ञानिक स्तर पर देखा पढ़ा जाये तो  शत  प्रतिशत लिखित बाते सत्य है. मनो या न मानों पर यह सत्य है। 
    लुधियाना : फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो : मानव आज भले ही चाँद तारों  मंगल ग्रह  पर  या उससे आगे पहुँचने की बात के साथ वैज्ञानिकी क्षेत्र में आगे बढ़ने में अग्रसर है  लेकिन प्राचीन विज्ञानं के सामने अभी बच्चा है। साथ ही मानव अभी अपनी ही दुनियां अपनी पृथ्वी के राज रहश्य को नहीं जान पाया है। आज भी इस पृथ्वी पर सैकड़ों क्या हजारों ऐसे रहश्य अनसुलझे जगह अनसुलझे कार्य हैं की वैज्ञानिक भी चकरा जाते हैं , प्रकृति के कार्य को समझ पाना असंभव है। पूरी दुनियां की बात दरकिनार है हमारे भारत देश में ही ऐसे रहश्य भरे अनसुलझे स्थान , मंदिर , जैसी कई वस्तुवें हैं की आदमी की सोच से परे हैं।  फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो  का पूरा प्रयास है की हमारे देश की नौजवान जनरेशन को मौजूदा समय और प्राचीन ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी देकर ज्ञान रूपी प्रकाश को बढ़ाया जाये।